आज सबकी निगाहें राजस्थान पर, विधानसभा में गहलोत का कॉन्फिडेंस टेस्ट; अटल जी से आगे निकले पीएम मोदी, कल बनाएंगे एक और नया रिकॉर्ड

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आज 14 अगस्त है, ठीक 73 साल पहले आज ही के दिन अंग्रेजों ने भारत के बंटवारे की लकीर खींची थी और दुनिया के नक्शे पर पाकिस्तान नाम के एक नए राष्ट्र का जन्म हुआ था। वहीं, दूसरी ओर आज सबकी निगाहें राजस्थान पर टिकी रहेंगी। सीएम अशोक गहलोत विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश करेंगे। हालांकि, सरकार पर फिलहाल कोई संकट नहीं नजर आ रहा है। बगावत के बाद सचिन पायलट गुरुवार को सीएम अशोक गहलोत से मिले। दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया और मुस्कुराए, लेकिन गले नहीं मिले। विधायक दल की बैठक में गहलोत ने कहा कि हम इन 19 एमएलए के बिना भी बहुमत साबित कर देते लेकिन वह खुशी नहीं होती। आखिर अपने तो अपने होते हैं। उधर भाजपा ने भी विधायक दल की बैठक बुलाई। इस बार पूर्व सीएम वसुंधरा राजे भी बैठक में शामिल हुईं। भाजपा ने कहा कि वह विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाएगी।पढ़िए पूरी खबर...कोरोना है कि थमने का नाम नहीं ले रहा है। देशभर में संक्रमितों का आंकड़ा 24 लाख के पार जा चुका है। वहीं मरने वाली की संख्या 47 हजार से अधिक हो गई है। हालांकि राहत की खबर है कि रिकवरी रेट 70 फीसदी हो गया है। उधर कोरोना से जुड़ी सबसे बड़ी खबर गुरु…

वोदका पीने और ट्रैक्टर चलाने से कोरोना ठीक करने वाले बेलारूस के राष्ट्रपति "कॉकरोच" के खिलाफ "चप्पल" क्रांति

बेलारूस में लोग राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको के खिलाफ सड़कों पर हैं। वे 1994 से राष्ट्रपति हैं। लुकाशेंको रूस की मदद और लोकलुभावन वादों के दम पर चुनाव जीतते आ रहे थे, लेकिन कोरोना पर उनके बयानों और लापरवाही से लोगों में नाराजगी है। उन्होंने कहा था कि वोदका पीने, ट्रैक्टर चलाने और स्टीम बाथ से कोरोना नहीं होता।

यहां तक कि लोगों ने चंदे से डॉक्टर और अन्य स्टाफ को मास्क, पीपीई किट मुहैया करवाई। लोग अब एक ब्लॉगर सर्गेई तीखानोव्स्की को राष्ट्रपति बनाना चाहते हैं। सर्गेई ने लुकाशेंकों की नीतियों के विरोध में उन्हें बच्चों की कविता के पात्र की तर्ज पर ‘कॉकरोच’ कहा था। इसके बाद कार पर बड़ी सी स्लीपर यानी चप्पल लगाकर विरोध जताया।

उन्होंने यह संदेश भी दिया कि ‘कॉकरोच को चप्पल से चपटा करना है।’ हालांकि उन्हें जेल भेज दिया गया। अब लोग उन्हें राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाना चाहते हैं। उनका कहना है कि जब पड़ोसी देश यूक्रेन में कॉमेडियन राष्ट्रपति बन सकता है, तो हमारे यहां ब्लॉगर क्यों नहीं।

लुकाशेंको ने ओपिनियन पोल, मीडिया पर रोक लगा रखी है
लुकाशेंको लोकलुभावन घोषणाएं और विरोधियों का दमन करने में माहिर हैं। चुनाव में उन्हें अयोग्य घोषित करवा देते हैं, जिनसे हार का खतरा होता है। ओपिनियन पोल और मीडिया पर भी पाबंदी है। लेकिन अब लोग उनके खिलाफ सड़कों पर हैं और स्लीपर क्रांति वाले ब्लॉगर में ‘कॉकरोच’ प्रेसिडेंट का विकल्प देख रहे हैं।



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अब लोग अलेक्जेंडर लुकाशेंको के खिलाफ सड़कों पर हैं और स्लीपर क्रांति वाले ब्लॉगर में ‘कॉकरोच’ प्रेसिडेंट का विकल्प देख रहे हैं।


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